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Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana

Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana

लखनऊ। Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana: सरकार ने इस वर्ष 1,06,911 जोड़ों का सामूहिक विवाह करवाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही समाज कल्याण विभाग ने सामूहिक विवाह योजना में और पारदर्शिता लाने के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है। इसके अंतर्गत जिलों में एक स्थान पर 100 से अधिक जोड़ों के विवाह करवाने वाले आयोजन स्थलों पर जिलाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। 

मंडल के उपनिदेशक एवं निकट जनपद के जिला समाज कल्याण अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहेंगे। साथ ही आयोजन के समय पात्र जोड़ों की पुष्टि के लिए अलग से पंजीकरण काउंटर बनाए जाएंगे।

डिजिटल सिग्नेचर से मान्य होगा आवेदन

विवाह के लिए चयनित जोड़ों में से 10 प्रतिशत जोड़ों के सत्यापन जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व या अन्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जाने के प्रविधान किए गए हैं। जांच प्रक्रिया को पुख्ता किए जाने के लिए जिला स्तरीय समिति को दायित्व दिया गया है। 

जांच के दौरान मौके पर उपस्थित व्यक्तियों से पूर्व में विवाह न होने की पुष्टि की जाएगी। जांच प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ ही अब संबंधित खंड विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर से डिजिटल सिग्नेचर से स्वीकृत आवेदन को ही मान्य माना जाएगा।

सामूहिक विवाह करने पर कन्या के खाते में 35,000 रुपये की सहायता राशि अंतरित की जाती है। वहीं आवश्यक सामग्री के लिए 10,000 रुपये तथा विधवा, तलाकशुदा के मामले में 5,000 रुपये तक की वैवाहिक सामग्री विवाह के समय ही प्रदान की जाती है।